तपस्विनी स्वयंप्रभा – Ascetic Swayamprabha
तपस्विनी स्वयंप्रभा - Ascetic Swayamprabhaवह गुफा अत्यन्त ही अन्धकारमय थी किन्तु वानरों की दृष्टि उस अन्धकार में भी कार्य कर रही थी। उनका तेज...
हनुमान को मुद्रिका देना – giving ring to hanuman
हनुमान को मुद्रिका देना - giving ring to hanumanवानर यूथपतियों को इस प्रकार की कठोर आज्ञा दे कर सुग्रीव हनुमान से बोला, हे कपिश्रेष्ठ!...
सीता की खोज – search for sita
सीता की खोज - search for sitaयह भी पढे – अगस्त्य का आश्रम - Agastya’s Ashram
लक्ष्मण से प्रेरणा पाकर सुग्रीव ने अपने यूथपतियों के...
लक्ष्मण-सुग्रीव संवाद – Laxman-Sugriva dialogue
लक्ष्मण-सुग्रीव संवाद - Laxman-Sugriva dialogueश्री रामचन्द्र जी की आज्ञा पाकर, सदैव बड़े भाई के हित में लगे रहने वाले, लक्ष्मण क्रुद्ध होकर किष्किन्धा की...
हनुमान-सुग्रीव संवाद – Hanuman-Sugriva dialogue
हनुमान-सुग्रीव संवाद - Hanuman-Sugriva dialogueपवनकुमार हनुमान शास्त्र-विद्, नीतिज्ञ और सूझबूझ वाले मनीषी थे। कब क्या करना चाहिये और क्या नहीं जैसी बातों का उन्हें...
सुग्रीव का अभिषेक – Sugriva’s consecration
सुग्रीव का अभिषेक - Sugriva's consecrationयह भी पढे – चित्रकूट की यात्रा - trip to chitrakoot
वालि के अन्तिम संस्कार से निवृत हो जाने के...
तारा का विलाप – Tara’s Lament
तारा का विलाप - Tara's Lamentजब तारा को वालि की मृत्यु का समाचार मिला तो वह अत्यन्त उद्विग्न हो गई और रोती हुई उस...
वालि-राम संवाद – Vaali-Ram dialogue
वालि-राम संवाद - Vaali-Ram dialogueवालि को पृथ्वी पर गिरते देख राम और लक्ष्मण उसके पास जा कर खड़े हो गये। जब वालि की चेतना...
वालि-वध – hair slaughter
वालि-वध - hair slaughterतदन्तर वे सब लोग वालि की राजधानी किष्किन्धापुरी में गये। वहाँ पहुँच कर राम एक गहन वन में ठहर गये और...
राम-सुग्रीव वार्तालाप – Ram-Sugriva conversation
राम-सुग्रीव वार्तालाप - Ram-Sugriva conversationयह भी पढे – ऋषि भरद्वाज के आश्रम में - In the ashram of Rishi Bhardwaj
राम ने सुग्रीव से कहा,...
