पंचवटी में आश्रम – Ashram in Panchavati
पंचवटी में आश्रम - Ashram in Panchavatiपंचवटी की ओर जाते समय मार्ग में राम, सीता और लक्ष्मण की दृष्टि एक विशालकाय गृध्र पर...
पूर्व राजाओं के यज्ञ-स्थल एवं लवकुश का जन्म – Yagya place of former kings...
पूर्व राजाओं के यज्ञ-स्थल एवं लवकुश का जन्म - Yagya place of former kings and birth of Lavkushअयोध्या से प्रस्थान करने के तीसरे दिन...
हनुमान का सीता को मुद्रिका देना – Hanuman giving ring to Sita
हनुमान का सीता को मुद्रिका देना - Hanuman giving ring to Sitaसीता के वचन सुनकर वानरशिरोमणि हनुमान जी ने उन्हें सान्त्वना देते हुए कहा,...
जनकपुरी में आगमन – Arrival in Janakpuri
जनकपुरी में आगमन - Arrival in Janakpuriदूसरे दिन ऋषि विश्वामित्र ने अपनी मण्डली के साथ प्रातःकाल ही जनकपुरी के लिए प्रस्थान किया। चलते चलते...
कबन्ध का वध – slaughter of kabandha
कबन्ध का वध - slaughter of kabandhaइस प्रकार पक्षिराज जटायु के लिये जलांजलि दान कर के वे दोनों रघुवंशी बन्धु सीता की खोज...
राम द्वारा धनुष भंग – bow broken by ram
राम द्वारा धनुष भंग - bow broken by ramयह भी पढे – लक्ष्मीजी की अंगूठी - Lakshmiji’s ring
लक्ष्मण को अत्यन्त क्रुद्ध एवं आवेश में...
विश्वामित्र का पूर्व चरित्र – Vishwamitra’s former character
विश्वामित्र का पूर्व चरित्र - Vishwamitra's former characterराम से मिथिला के राजपुरोहित शतानन्द जी विशेष रूप से प्रभावित हुये। शतानन्द जी ने कहा, हे...
बालकाण्ड- कथा प्रारम्भ – Child’s story begins
बालकाण्ड- कथा प्रारम्भ - Child's story beginsकौशल प्रदेश, जिसकी स्थापना वैवस्वत मनु ने की थी, पवित्र सरयू नदी के तट पर स्थित है। सुन्दर...
माता कौशल्या से विदा – Farewell to Mother Kaushalya
माता कौशल्या से विदा - Farewell to Mother Kaushalyaअपने पिता एवं माता कैकेयी के प्रकोष्ठ से राम अपनी माता कौशल्या के पास पहुँचे। अनुज...
ऋषि भरद्वाज के आश्रम में – In the ashram of Rishi Bhardwaj
ऋषि भरद्वाज के आश्रम में - In the ashram of Rishi Bhardwajजब निषादराज गुह के वापस गंगा के उस पार चले गए तब राम...

